UPSC Success Story: बस ड्राइवर की बेटी कई चुनौतियों का सामना करके बनी IAS अधिकारी, जानें तैयारी करने की रणनीति
बस ड्राइवर की बेटी प्रीति हुड्डा है, जो हरियाणा के बहादुरगढ़ की रहने वाली है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नही थी। लेकिन उसने कभी हार नही मानी और अपने पापा के सपने को पूरा करने में जुट गई। प्रीति ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी हिंदी माध्यम से करने का फैसला किया।

UPSC Exam Preparation: देश की सबसे कठिन परिक्षा एक बस ड्राइवर की बेटी ने पास कर ली है। वह अभी IAS अधिकारी है। ये सपना उसका नहीं उसके पापा ने देखा था। कड़ी बेहनत करके ये मुकाम हासिल किया है। गौतलब है कि, यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में हर साल हजारों उम्मीद्वार पास करने का सामना देखते है। लेकिन इसमें से केवल कुछ ही युवा पास कर पाते है, बाकि के हाथ निराशा ही लगती है। आज इस लेख में उस बेटी की बात कर रहे है, जिसके पिता दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) में बस ड्राइवर थें.....
कौन है बस ड्राइवर की IAS ऑफिशर बेटी
बस ड्राइवर की बेटी प्रीति हुड्डा है, जो हरियाणा के बहादुरगढ़ की रहने वाली है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नही थी। लेकिन उसने कभी हार नही मानी और अपने पापा के सपने को पूरा करने में जुट गई। प्रीति ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी हिंदी माध्यम से करने का फैसला किया। इतना ही नही वैकल्पिक विषय भी हिंदी को ही चुना।
गौरतलब है कि, प्रीति का पहला सफल नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हार न मानते हुए प्रयास जारी रखा और दूसरे प्रयास में 288वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल कर आईएएस अधिकारी बन कर पापा के सपने को पूरी किया।
पढ़ाई छोड़ शादी कर ले प्रीति
प्रीति शुरूआत से ही एक बेहतर होनहार स्टूडेंट रही थी। उन्होंने 10वीं में 77 प्रतिशत और 10+2 में 87 अंक हासिल किए थे। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण माता-पिता चाहते थे कि, वह आगे की पढ़ाई न करके शादी कर ले। लेकिन प्रीति ने पापा के द्वारा देखे गए सपने न छोड़ने का प्रण लिया और आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली के लक्ष्मीबाई कॉलेज से हिंदी विषय में ग्रेजुएशन पूरा किया, फिर पीएचडी की पढ़ाई के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दाखिला लिया।
प्रीति की दिलचस्प बात यह है कि, वह कभी भी सरकारी सेवा में नहीं जाना चाहती थी। लेकिन उनके पिता चाहते थे कि, बेटी एक आईएएस अधिकारी बनें। लेकिन प्रीति को पापा का सपना सोने नहीं दे रहा था, जब उसने JNU में एडमिशन लिया, उसके बाद पहली बार यूपीएससी परीक्षा के बारे में ठीक से जान पाई। फिर एम.फिल की पढ़ाई पूरी होने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और साल 2017 में आईएएस अधिकारी बन गई।
प्रीति ने कैसे की यूपीएससी की तैयारी
उन्होंने एक अनोखे अंदाज में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। उनका मानना है कि, लगातार 10 घंटे पढ़ाई करने से अच्छा है कि सोच समझकर रणनीति बनाना चाहिए। प्रीति का कहना है कि, प्रीप्रेशन के दौरान आनंद लेना बेहद जरूरी है, वरना पढ़ाई बोझ लगने लगती है। किताबों का ढेर लगाने से अच्छा है कि, सिलेबस को ध्यानर्पूवक और फोकस के साथ करना चाहिए। और इससे भी अहम बात समय-समय पर रिवीजन करना जरूरी है।
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